योग क्या है ? – Yoga kya hai

हम आपको बतायेगे की योग किया होता है, अगर आपको लगता है की योग अपने सरीर को मोड़ना , सास अंदर बहार निकलना यह सही अर्थ नहीं है.दर्शल योग अपने मन और सरीर की देखभाल करना है.यह आपके सरीर का अच्छी तरह से रख रखाब करता है.यह किरिआ आपके तन और मन को सांत करती है.यह करने से मन का संतुलन बना रहता है और बार बार गुसा आने वाली समस्यां से भी सुटकारा मिल जाता है.

योग का अर्थ क्या है

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योग का अर्थ है जुड़ना , दो ततबो के मिलने को Yoga कहते है। पुराने ज़माने में कहते थे की इस पर्किर्या से अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाया जा सकता है।ज्यादातर मनुस्ये इसबार का नाम लेते समय अपना दयान नहीं लगा पाते अगर यह Yoga करेंगे तो अपना मन को इसबार से लगा सकते है। यही इसका अर्थ है।

Ashtang Yoga Kya Hai (अष्टांग योग क्या है)

पुराने ज़माने में साधु और मुनिओ ने बताया है की सरीर की सुधि और परमात्मा को पाने के लिए इस प्रकार के Yoga को बनाया है जो है अष्टांग योग। अष्टांग का मतलब है की “आठ अंग ” से है। यह अंग दर्शाते है की इन से अपने सरीर को कैसे नियंत्रित किया जाये। यह दर्शाता है की अपने मन को कैसे काबू में करे ,

अगर किसी बियक्ति को बार बार गुसा अत है और जल्दी भी परेशान हो जाता है किसी बात से तो यह आपकी मदद करता है इस सब से सुटकारा पाने के लिए। यह केवल आपके दिमाग और मन के इलावा आपकी सरीरक सकती को भी बढ़ाता है। यह सरीर के फिट से इलावा आपकी मानसिक फिटनेस का भी ध्यान रखता है , आपको होने वाली मानसिक समस्या का एहि समाधान है।

Hath Yog Kya Hai(हाथ योग क्या है)

इस Yoga को हिंदी में हठयोग भी कहा जाता है। हकार का अर्थ पिंगला नाड़ी से है और ठकार का अर्थ है की चन्दर शबर नदी से लिया गया है। यह योग आपके सरीर में से सभी अशुदिआं को निकल देता है और अच्छा बना देता है।

यह Yoga करने के बाद सरीर हल्का सा मेहुस होने लगता है की सरीर में कुश जान आ गयी है ऐसा लगता है। यह एक बहुत ही अच्छा Yoga है जिसको बहुत सारे लोग करने है ,और करने के बाद अच्छी तरह से फिट रहते है। इस को करना भी बहुत आसान है ऐसे आपअच्छी तरह से कर सकते है।

Yoga करने से क्या होता है

  1. यह कारन आपको बताते है की Yoga करने से क्या होता है।
  2. Yoga करने से सरीर से थकाबट दूर जो जाती है और अच्छा महसूस होता है।
  3. इस से आत्मा को इसबार से मिलने के लिए ध्यान लगाने में कोई समस्या नहीं आती।
  4. ऐसा करने पर बियक्ति को कभी बीमारी नहीं लगती और बहुत कम ही लगती है।
  5. यह पर्किर्या सरीर के अंगो को अच्छा बनती है जिस से सब ठीक रहे।
  6. लम्बी उम्र के लिए बहुत फयदेमंद है यह योग करना।

योग निद्रा क्या है

आध्यात्मिक नींद का होना योग निद्रा कहलाता है। इस सिथति में आप जागते हुए भी सोते रहते हो। सोने और जागने के विच में जो सिथति है उसको योग निद्रा कहते है। ऐसा करने से आप दिनभर ताजा महसूस रहते है.

अगर आप ऐसे ऐसे बियक्ति से सिख कर करेंगे तो यह आपको बहुत अच्छा लाभ देगा जैसे की इस योग का बहुत जल्दी असर होना , नींद का न पूरा होना , थकान से बचना। यह आपके सरीर की ऐसी समस्याए को दूर करता है जैसे की सर दर्द, दमा की बीमारी ,गर्दन और गले की समस्या अदि का है.

अगर आप ऐसे करना चाहते है तो आपको एक बंद कमरे में सभी खिड़किओं को खोलना चाहिए और अच्छी तरह निचे कपडा बिषा कर यह करना चाहिए।

योग के लाभ

  1. योग के बहुत सरे लाभ है हम आपको बतायेगे।
  2. इससे करने से आपका शारीरिक और मासिक तोर पर मजबूत बन जाता है।
  3. इससे करने से बुरी आदतों से भी सुटकारा मिल सकता है जैसे की दिन भर कुर्सी पर बैठे रहना और मोबाइल की आदत से सुटकारा पाना।
  4. यह आपको कभी बीमार नहीं होने देता है।
  5. अन्य प्रकार से लगने वाले रोगो से सुटकारा मिलता है।
  6. भूख ना लग्न , यादास्त का तेज करना अदि प्रकार के लाभ से से मिलते है।

योग के नियम

  1. इसको केवल सुबहे करना बहुत फयदे मंद रहता है।
  2. ऐसे शुरू करने से पहले अपने गुरु से अभ्यास जरूर करे।
  3. ऐसे खली पेट करे ,इससे करने से 2 घंटे पहले कुश ना खाये।
  4. आरामदायक सूती कपडे पहने।
  5. अपना पूरा दयान अपने योग पर ही केंद्रित करे।

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