Satellite क्या है ? – सॅटॅलाइट कैसे काम करता है ?

Satellite जिसे (उपग्रह) भी कहा जाता है। दरासल यह मनुस्ये द्वारा बनाया गया एक उपकरण होता है जिस को अंतरिक्ष में सोडा जाता है। सॅटॅलाइट ऐसा यंत्र है जिस के बिना किसी भी प्रकार की संचार करना असम्भब है। यह उपकरण धरती से बहार अंतरिक्ष में राकेट के द्वारा वैज्ञानिक की मदद से बहार भेजा जाता है।

यह एक सामान्य आकार का उपकरण होता है जिसको आसानी से राकेट में लेजाया जा सकता है। अगर हम उपग्रह की बात करें तो यह धरती के चारो और चक्र करता रहता है। जैसे की चाँद धरती का चक्र 24 घंटो में पूरा करता है उसी तरह यह उपग्रह भी धरती का 24 घंटो में चक्र पूरा करता है। इसको माइक्रोवेव एंटेना द्वारा कार्य करता है जो की बहुत हाई फ्रीक्वेंसी रेंज होती है।

धरती पर लगे बड़े बड़े एंटेना सीधे Satellite से जुड़े होते है और संचार करते है।यह उपग्रह लगातार धरती के चक्र लगता रहता है जैसे ही इसकी बैटरी काम होती है और यह सूर्ये की रोशनी से सोलर पैनल के द्वारा अपनी बैटरी को चार्ज कर लेता है।

Satellite कैसे कार्य करता है

Satellite जो की एक एलेक्ट्रोंनिक उपकरण है इसको चलने के लिए बिजली की आबश्यकता रहती है। इसकी बिजली की आबश्यकता को पूरा करने के लिए इसमे बैटरी लगाई जाती है जो इसको चलती है। इनकी बैटरी को चार्ज करने के लिए इसमे स्पेशल प्रकार के सोलर पैनल लगे होते है जोई की धुप के होते हुए कार्य करते है।

अगर और बात करे तो इसको संचार करने के लिए बनाया गया है। संचार मतलब जैसे की हम टीवी ,Satellite फ़ोन अदि। के उपयोग में लिया जाता है। इन उपग्रह में लगे एंटेना डायरेक्ट धरती पर लगे एंटेना के साथ लगे होते है जिसके द्वारा आपस में कनेक्ट रहते है। यह एंटेना एक खास प्रकार की फ्रीक्वेंसी सेपेस्ट्रुम जिसे माइक्रोवेव कहा जाता है उसे इस्तेमाल में लेकर काम में लिए जाते है।

एयर चार्जिंग(Air Charging)क्या है

Satellite कितने प्रकार के होते है

अगर हम Satellite की बात करें तो सॅटॅलाइट दो प्रकार के होते है।

  1. कुदरती उपग्रह
  2. मनुस्ये द्वारा बनाये गए उपग्रह

कुदरती उपग्रह

यह उपग्रह जैसे की धरती ,चाँद ,मंगल ,सूरज ,सनी अदि। यह उपग्रह सब कुदरत के द्वारा बनाये गए होते है।

मनुस्ये द्वारा बनाये गए उपग्रह

अगर हम मनुस्ये द्वारा बनाये गए उपग्रह की बात करें तो यह पूरी तरह मनुष्य बनता है जो की इलेक्ट्रॉनिक होते है जैसे की आपको पिछले पैराग्राफ में बताया गया है। यह Satellite भी कई प्रकार के होते है लकिन आज हम आपको ज्यादा इस्तेमाल होने वाले उपग्रह के बारे में ही बतायेगे। जैसे की संचार Satellite ,रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट,पोलर Satellite .और बहुत प्रकार के Satellite होते है।

Satellite के काम.

  1. Satellite को मिलटरी के द्वारा काम में लिया जाता है।
  2. उपग्रह को टीवी और टेलीफोन के लिए भी इस्तेमाल में लिया जाता है।
  3. इन का उपयोग मैप (Map)नक्शा देखने के लिए किया जाता है।
  4. Satellite को इंटरनेट चलने के लिए भी इस्तेमाल में लिया जाता है।
  5. इन को मौसम देखने के लिए इस्तेमाल करा जाता है।

Satellite के फयदे

  1. इन को मोबाइल के लिए संचार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है क्यूंकि इसमे कोई तार की आबश्यकता नहीं होती।
  2. Satellite को दुनिआ भर को कवर कर सकता है नेटवर्क की मदद से।
  3. इसका सबसे अच्छा फयदा इसको चलाने के लिए किसी भी आदमी की आबश्यकता नहीं होती।
  4. इसको बिना तार के इस्तेमाल में लिया जाता है।
  5. यह बहुत दूरी तक संचार कर सकता है बिना किसी रुकावट से।

 

Satellite के नुक्सान

  1. इसको अंतरिक्ष में लीजाने के लिए बहुत खर्च आता है जैसे की राकेट को बनाने से लेकर और खर्चों तक।जब Satellite खराब हो जाता है तब यह अंतरिक्ष में कचरे की तरह घूमता रहता है जो की एक अच्छी बात नहीं है।
  2. ऐसे हर बक्त ऊर्जा की जरुरत रहती है अगर सूरज ना मिलने पर बैटरी चार्ज नहीं होती और यह काम करना बंद कर देता है।
  3. इसको बनाना बहुत ही मुश्किल काम है बिना किसी रिसर्च के यह काम नहीं किया जा सकता।
  4. धरती से लेकर अंतरिक्ष तक सिग्नल पुहंचने तक बहुत टाइम लग सकता है कई बार सिग्नल नहीं भी जाता यह भी इसका सबसे बड़ा नुकसान है.

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