Pogo स्टॉकिंग क्या है? – Pogo Sticking से कैसे बचे?

अगर आप किसी भी वेबसाइट या फिर ब्लॉग का Seo करते हो तो आपको Pogo Sticking के बारे में पता होना चाहिए। इसका मतलब जैसे की एक यूजर है उसने सर्च इंजन पर कुश सर्च किया बहा सर्च इंजन रिजल्ट पेज(SERP)पर उसको तीन रिजल्ट मिले मान लो चार रिजल्ट है A ,B ,C ,अगर यूजर सबसे पहले रिजल्ट A पर जाता है .

गर बह यूजर उस पोस्ट A से संतुष्ट नहीं हुआ उसने रिजल्ट पोस्ट B को देखा OR अगर यूजर इस रिजल्ट से भी संतुष्ट नहीं हुआ तो रिजल्ट C पर चला गया अगर इस से भी संतुष्ट नहीं हुआ तो इस से सर्च इंजन(गूगल)समज जायेगा की इस क्वारी रिजल्ट पर गलत रिजल्ट रैंक हो गए है। यह सब होने को ही Pogo Sticking कहते है।

सर्च इंजन ऑप्टिमिजार्टिओं में सबसे बड़ी समस्या कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में होती है क्यूंकि अगर हमारा आर्टिकल अच्छा और यूजर के लिए अच्छा होगा इस बजह से ही गूगल हमरे आर्टिकल को रैंक करेगा और हमारा आर्टिकल रंग करेगा। अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को बनायीं रखने के लिए हमें ऑप्टिमाइजेशन को करना जरुरी ह। ऐसा करने से हमारा भी फिडा होता है और यूजर को एक अच्छा कंटेंट भी मिल जाता है।

अगर सर्च इंजन को लग रहा है की गलत रिजल्ट रैंक है तो सर्च इंजन उन दिए गए रिजल्ट को अपनी रैंकिंग से हटा देगा और बह रैंकिंग निचे आ जाएगी। ऐसी तरह जो रैंक हो रही वेबसाइट है इस कारन से ही उनकी रैंकिंग Pogo Sticking से घट जाती है।इस से सर्च इंजन को लगता है की यूजर सर्च रिजल्ट में दिए गए रिजल्ट सही नहीं है। Pogo Sticking ही बहुत बड़ा जरिया है जो की वेबसाइट की रैंकिंग मई फर्क डाल सकता है। इसको ही हम Pogo Sticking कहते है

Pogo Sticking होने के कारन

  1. अगर आपकी वेबसाइट का पेज बहुत ही ज्यादा शामे में लोड हो रहा है तो यह बहुत बड़ा कारन है।
  2. अगर आपकी वेबसाइट में किसी भी प्रकार का कोई वीडियो लगा हुआ है बोह अपने आप चल रहा है लोड होने के बाद इस से भी Pogo स्टॉकिंग हो सकती है।
  3. यह सबसे बड़ा कारन है जैसे की अपने अपनी वेबसाइट में किसी भी प्रकार का कोई पॉपअप विंडो लगाया हुआ है।
  4. अगर आपकी वेबसाइट का डिज़ाइन बहुत ही पुराण है तो यूजर को अच्छा कम लगता है इसलए यूजर Pogo Sticking करने लगता है।
  5. अगर आपकी वेबसाइट में यूजर इंटरफ़ेस अच्छा नहीं है तो यह बहुत बड़ा कारन है।

Pogo Sticking से कैसे बचे

अगर अपने Pogo Sticking से बचना है तो आपको सबसे पहले अपनी वेबसाइट को चेक करना होगा जिस से यह पता चल सके की आपकी वेबसाइट में कोई प्रॉब्लम तो नहीं है। इसके बाद आपको गूगल वेबमास्टर में अपनी वेबसाइट को चेक करना होगा जिस से आपको अपनी वेबसाइट के एरर के बारे में पता चल पायेगा।

और उसके बाद आपको अपने कंटेंट को अपने कीवर्ड के अकॉर्डिंग रखना है जैसे की जैसा आप कीवर्ड रखोगे बैसे ही अपने कंटेंट को बनाना है जिस से यूजर को कोई प्रॉब्लम ना आये।

जब भी कोई यूजर आपकी वेबसाइट में आये तो उसको उसकी जरुरत का कंटेंट मिलना चाहिए जिस से यूजर बैक नहीं जायेगा और इस से Pogo स्टॉकिंग होने का खतरा कम से कम होग।अगर आप एक सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक्सपर्ट है तो आपको वेबसाइट के दिए गए कंटेंट को अपने फोकस कीवर्ड के जैसा ही कंटेंट लिखना चाहिए।

उदाहरण के तोर पर जैसे की में एअक मोबाइल पर कोई अतिक्ले लिख रहा हु और अपना फोकस कीवर्ड सीम कार्ड या फिर अन्य कोई कीवर्ड लिख रहा हु तो यूजर को संजना मुश्किल होगा यूजर आपके आर्टिकल को नहीं पड़ेगा और उसको आपका आर्टिकल अच्छा नहीं लग्गेगा। ऐसे Pogo स्टॉकिंग कहते है।

Leave a Comment