मल्टीमीटर क्या है? और मल्टीमीटर कितने प्रकार के होते हैं?

मल्टीमीटर एक ऐसा उपकरण है जो की किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की क्षमता को माप सकता है. जैसे की डायोड ,रेसिस्टर,मॉस्फेट,ट्रांजिस्टर,अदि इसके साथ यह Ac और Dc करंट को भी माप सकता है. मल्टीमीटर भी एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसको चलने के लिए भी वोल्टेज की जरुरत पड़ती है. जैसे की यह 5V से लेकर 12V तक वोल्टेज लेता है चलने के लिए। इसकी आउटपुट को देखने के लिए इसमे एक प्रकार का डिस्प्ले भी लगा होता है जो की एक डिजिटल मल्टीमीटर कहलाता है।

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इस का आकार एक मोबाइल फ़ोन से थोड़ा बड़ा होता है जो की ज्यादा भारी नहीं होता।आज कल ज्यादातर डिजिटल Multimeter का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है क्यूंकि इसमें आने वाली आउटपुट ज्यादा सही होती है।एलेक्ट्रोनिक का शोते से लेकर बड़े उपकरणों यह चेक कर सकता है।

मल्टीमीटर कितने प्रकार के होते हैं

अगर हम इसकी बात करें तो मल्टीमीटर दो प्रकार के होते है जैसे की :-

  1. डिजिटल मल्टीमीटर (Digital Multimeter)
  2. एनालॉग मल्टीमीटर (Analog Multimeter)

डिजिटल मल्टीमीटर (Digital Multimeter)

डिजिटल मल्टीमीटर एक आदुनिक टेक्नोलॉजी है इसकी। इसका प्रयोग एनालॉग मल्टीमीटर से ज्यादा होता है क्यूंकि यह एक साथ बहुत सरे काम कर देता है। इसमे एक सेवन सेगमेंट(Seven Segment) डिस्प्ले का उपयोग होता है जिसमे सभी प्रकार की आउटपुट दिखती है।

इसमे हम 200mv मिली वोल्टेज(mv)से लेकर 450V (Ac)अल्टेरनेटिंग करंट देख सकते है। और ऐसी तरह ही इसमे हम Dc वोल्टेज को भी देख सकते है। डिजिटल में हम ज्यादा से ज्यादा 10(Amp)एम्पेयर तक का करंट माप सकते है।

यह उपकरण बहुत ही तेज काम करता है और इसका काम करने का तरीका भी बहुत आसान है।इस मीटर में लगा एक घूमने वाला एक तीर होता है जब भी कुश मापना है तो मीटर में लगे तीर को उसकी मुल्ये के साहमने कर देना है उसके बाद कनेक्टर से चेक कर सकते है।

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एनालॉग मल्टीमीटर (Analog Multimeter)

एनालॉग मल्टीमीटर एक ऐसा उपकरण है जो की पुराने बकत का उपकरण है। इसमे इस्तेमाल होने वाली सुई जो की एक ग्राफ के साथ जुडी होती है इसके साथ मिल के मिलने वाली आउटपुट को दर्शाता है।

इस में किसी भी प्रकार के डिस्प्ले का उपयोग नहीं होता। इसको दो कनेक्टर की मदद से उपकरण कम्पोनेनेट को चेक किया जाता है। यह बजन में काफी भारी होता है और आकार में बड़ा होता है।

यह भी दूसरे मुलतईमेर की तरह Ac और Dc करंट को माप सकता है।यह मीटर केवल कुश ही प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक चीजों को माप सकता है। और इसके साथ इसमे स्क्रीन न होने से इसको ज्यादा प्रयोग में नहीं लिया जा सकता।

मल्टीमीटर कैसे चलाते हैं – How To Use Multimeter

जैसे की आपको इस तस्वीर में दर्शाया गया है इसमें लगी घूमने वाली तीर से हम इसको सेट करेंगे जो मुल्ये हमें चाहिए। उदाहरण के तोर पर जैसे की हमने किसिस सेल (Cell)की क्षमता को मापना है तो हमें मल्टिमेर्तेर को वोल्टेज पर तीर को सेट करना होगा

और उसके साथ इसमे लगे दोनों कनेक्टर की मदद से हमें लाल रंग के कनेक्टर को सेल के (+Ve)पॉजिटिव और काले वाले को (-Ve)के साथ जोड़ना है। ऐसा करने पर हमें मीटर की डिस्प्ले पर सेल की वोल्टेज का मुल्ये पता चल जायेगा इस तरह Multimeter काम करता है।

Multimeter के फयदे

  1. यह हर प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक में इस्तेमाल होने वाले कॉम्पोनेन्ट को माप सकता है।
  2. यह मीटर को कब भी कही भी बिना किसी दिक्क्त के साथ लेजा सकते है।
  3. यह मीटर एक स्टूडेंट से लेकर एक तकनीशियन तक इस्तेमाल कर सकते है।
  4. यह मीटर बहुत कम पैसो में लिया जा सकता है।
  5. बहुत सरे मीटर रखने की कोई आबश्यकता नहीं है एक एकेला ही बहुत सरे काम कर सकता है।

Multimeter के नुकसान

  1. इसमे लगने वाली बैटरी जल्दी ख़तम हो जाती है।
  2. अगर आप करंट और वोल्टेज चेक करते टाइम इसकी तारो को गलत लगा दोगे तो यह खराब हो जायेगा।
  3. यह मीटर लोड से ज्यादा वोल्टेज और करंट देने पर खराब हो जाता है।
  4. इस मीटर को हम रात को इस्तेमाल नहीं कर सकते क्यूंकि इसके डिस्प्ले में किसी भी प्रकार की लाइट नहीं होती। जिस में होती है बह बहुत बहँगे होते है।
  5. यह मीटर थोड़ा सा गीरने से खराब हो सकता है।

मल्टीमीटर कैसे चेक किया जाता है

मल्टीमीटर को चेक करने के लिए सबसे पहले उसको ON मतलब चालू किया जाता है , इसके बाद मल्टीमीटर में लगा मेसुरेमेंट एडजस्टर की मदद से इस से हम किसी भी इलेक्ट्रॉनिक Component उपकरण की Reading ले सकते है। मल्टीमीटर को चालू करने के लिए बैटरी की आबश्यकता रहती है, मल्टीमीटर में 9v की बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है।

डायोड कितने प्रकार के होते है

इलेक्ट्रॉनिक की दुनिआ में डायोड लगभग 7 प्रकार के होते है जैसे की नाम निचे दिए गए है.

  1. लाइट एमिटिंग डायोड
  2. लेज़र डायोड
  3. अवालांचे डायोड
  4. जेनर डायोड
  5. स्कॉटटकी डायोड
  6. फोटोडिओडे
  7. पण जंक्शन डायोड

यह सभी नाम डायोड की किस्मे है। डायोड इतने प्रकार के होते है.

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