Mobile Tower क्या है ?

मोबाइल टावर एक माइक्रोवेव एंटेना होता है। चाहे इंटरनेट हो चाहे कालिंग और sms सारा खेल सिगनल का है। जब आप मोबाइल पे बात करते है तो आपकी आवाज़ सिगनल मै तब्दील हो जाती है इसी सिगनल को भेजने के लिए मोबाइल टावर इस्तेमाल होता है।मोबाइल टावर सामान्य प्रकार के एंटेना से ज्यादा बड़ा होता है। इसकी लम्बाई लगभग 30 से 35 मीटर होती है। माइक्रोवेव जो की उच्च फ्रीक्वेंसी(Frequency)होती है इसका एंटेना टावर पर ड्रम के आकर का होता है और यह टावर 1 से 5km किलोमीटर तक की दूरी तक संचार कर सकता है।

Mobile Tower कैसे काम करता है

जब आप किसी को कॉल करते है तो आपका आवाज़ को एक बिजली तरंगें(Electrical Signal) बना कर हवा मै विद्युत चुम्बकीय सिगनल द्वारा भेजा जाता है। विद्युत चुम्बकीय सिगनल को रेडियो फ्रीक्वेंसी(Radio Frequency) कहते है।

रेडियो फ्रीक्वेंसी सिगनल को लम्बी दूरी तक भेजना बहुत मुश्किल है और पृथ्वी गोल होने के कारन यह तरंगे हर जगह नहीं जा सकती आपकी आवाज़ वाले सिगनल को पोहचने के लिए टावर की मदद ली जाती है।मोबाइल टावर को इंग्लिश मै बेस ट्रांसीवर(BTS) कहा जाता है।

जब एक टावर से दूसरे टावर तक सिगनल जाता है तो आपकी आवाज़ को दूसरे टावर पर डिकोड किया जाता है बिजली तिरंगा से आवाज़ मै इसी पर्किर्या से टावर काम करता है।

सब मोबाइल टावर को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाता है जो किउ बहुत तेज गति मै काम करने वाली केबल है। अगर आपको ऑप्टिकल फाइबर नहीं पता तो ऐसे देखे ऑप्टिकल फाइबर क्या है

Mobile Tower की रेंज कितनी होती है

अगर हम मोबाइल टावर की रेंज की बात करें तो टावर एक से अधिक नेटवर्क्स होते है नेटवर्क को 4 प्रकार दिए गए है। 2G ,3G ,और 4G मै दर्शाया जाता है।

  1. 2G के लिए 200 kHz इस्तेमाल किया जाता है।
  2. 3G नेटवर्क के लिए800 MHz, 850 MHz, 900 MHz, 1,700 MHz, 1,900 MHz and 2,100 MHz इस्तेमाल किया जाता है।
  3. 4G स्पेक्ट्रम नेटवर्क के लिए 2 – 8 GHz इस्तेमाल किया जाता है।
  4. यह सरे स्पेक्ट्रम नेटवर्क अपने अपने देश की सरकार निर्णय करती है किसको कोनसा नेटवर्क प्रदान करता है।

अगर हम 2G की बात करें तो 2G टेक्नोलॉजी बहुत पुराणी टेक्नोलॉजी है इसमे यूजर कालिंग और SMS और इंटरनेट का प्रयोग कर सकता है इसमे इंटरनेट की स्पीड लगभग 50Kbps होती है।

3G नेटवर्क 2G नेटवर्क का अगला VERSION है इस नेटवर्क मैं इंटरनेट की स्पीड मैं
अच्छा करने के लिए बनाया गया है इसमै इंटरनेट की स्पीड लगभग 10Mbps है। अगर हम 4G नेटवर्क की बात करें तो 4g नेटवर्क सबसे अच्छा नेटवर्क है इसमे इंटरनेट की स्पीड लगभग 10Mbps से लेकर 500Mbps तक सिमित है।

Mobile Tower के फयदे

आज कल मोबाइल हर किसी की जरररात बन गया है इस जर्रोरत मै यूजर को अच्छी कालिंग और इंटरनेट की जर्रूरत है इसी जर्रूरत को पूरा करने के लिए मोबाइल टावर को बनाया गया है।

  1. टावर से हर समये नेटवर्क मिलता है।
  2.  बहुत सरे यूजर एअक साथ कॉलिंग कर सकते है।
  3.  कम खर्चे मै ज्यादा काम देता है।
  4.  टावर लगवाने पर प्रॉपर्टी मालिक को किराया मिलता है।
  5. मोबाइल टावर कम जगह मै लग जाता है।

Mobile Tower के क्या नुक्सान है

टावर के फयदे के साथ साथ नुक्सान भी बहुत होते है हम आपको इसके बारे मै बताते है।

  • सबसे बड़ी प्रॉब्लम मोबाइल टावर से माइक्रोवेव इस्तेमाल होता है जिस से रेडिशन का खतरा रहता है।
  • टावर को लगातार चलाने के लिए एक आदमी की जर्रूरत होती है।
  • रेडिएशन जिसे मनुष्य के नर्ब्स सिस्टम को नुक्सान देता है जैसे की जोड़ो मै दर्द ,नींद ना आना अदि।
  • इसको लगवाने के लिए 1 करोड़ से आदिक ख़र्चा आता है।
  • हर कंपनी के लिए अलग अलग टावर लगवाना पड़ता है एक टावर से काम नहीं चलता।

मोबाइल टावर के रेडिएशन से बचने के उपाए

आज कल रेडिएशन हर किसी की समस्या बन गया है। रेडिएशन एक मात्र ऐसा फ्रीक्वेंसी है जो की मनुसये के लिए अच्छा नहीं है। अगर हम भारत की बात करें तो लगभग एअक घर मै 2 से आदिकत मोबाइल फ़ोन है और सारे मोबाइल रेडियशन पैदा करते है। इस से बचने के उपाए निचे दिए गए है।

  • रात को सोते समये मोबाइल को अपने पास मत रखे।
  • मोबाइल को कम से कम 30 सैंटीमीटर की दूरी बनायीं रखे।
  • रेडिएशन वाली बस्तुए जैसे की मोबाइल ,राऊटर अदि को रात को बंद करे जर्रोरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करे।
  • अपनी सतत पर मोबाइल टावर मत्त लगवाए इस से रेडिएशन का खतरा रहता है।
  • अपने घर के पास मोबाइल टावर मत्त लगवाने दीजिये।

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