5G MIMO Technology क्या है?

इसका का पूरा नाम(मल्टीप्ल इनपुट- मल्टीप्ल आउटपुट) मैसिव मीमो है इसका मतलब ज्यादा से ज्यादा डाटा ले सके और ज्यादा से ज्यादा यूजर को आउटपुट से सके। मीमो टेक्नोलॉजी नेटवर्क की ट्रैफिक को समबहालने के लिए बनायीं गयी है

मीमो के बहुत सारे ऐंटेना जो की ट्रांसमीटर और रिसीवर मै लगे ऐंटेना द्वारा की जाती है उसे मैसिव मीमो कहते है। हर ऐंटेना कम्युनिकेशन के बक्त नेटवर्क मै होने वाले एरर(Error) को कम करता है और डाटा की स्पीड को बढ़ाता है।इस टेक्नोलॉजी की जानकारी अगले पैराग्राफ मै पढ़िए ।

मीमो क्या है और कैसे काम करती है

दरसल मीमो टेक्नोलॉजी क बारे मै आपको आसान तरीके से पहले पैराग्राफ मै बता दिया गया है अब हम एडवांस मै पढ़ेंगे।

अगर हम समझे तो ज्यादातर हम देखते है की हमारे मोबाइल मै नेटवर्क पूरा आता है. फिर भी हम कॉल करते समय कॉल नहीं लगता इसका कारण नेटवर्क मै होने वाली ट्रैफिक के कारन होता है।

एक एरिया मै एअक मोबाइल टावर लिमिटेड लोगो को ही सेवा (NETWORK) दे सकता है। अगर अपनी लिमिट से ज्यादा सर्विस देगा तो डाटा की स्पीड और कालिंग करने की क्षमता कम हो जाएगी। हर एक दूरसंचार (Telecom) को
लिमिटेड स्पेक्ट्रम मिलता है।

इस समस्या को दूर करने के लिए मीमो टेक्नोलॉजी (MOMO Technology) का अबिष्कार हुआ मीमो मै आपको जैसे की पहले बताया की
नेटवर्क मै होने वाली ट्रैफिक की समस्या नहीं होगी .

इस टेक्नोलॉजी मै आपको पुरानी टेक्नोलॉजी की तरह एक एंटेना नहीं मिलता इसमे आपको बहुत सारे एंटेना मिलते है। बहुत सारे यूजर होने के बाबजूद इसमें कालिंग और डाटा स्पीड (Intenet Speed) की समस्या नहीं होती।

For Example :- जैसे की एक टेलीकॉम कंपनी की उदाहरण ले मुंबई मै स्टेडियम मै क्रिकेट मैच क दौरान लगभग 30000 के आसपास
लोग होंगे जब बह लोग अपना मोबाइल इस्तेमाल करेंगे तो उनके मोबाइल मै नेटवर्क तो आएगा लेकिन कालिंग और इंटरनेट सही तरीके
से नहीं चल पायेगा। इस समस्या को दूर करने के लिए एयरटेल (Airtel) ने मीमो टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल किया जिसमे उन को कोइ समस्या
नहीं आई और यूजर को पूरी तरह कालिंग और इंटरनेट चलाने को मिल सका।

मीमो 5G टेक्नोलॉजी

समय को बदलते – बदलते अब टेक्नोलॉजी भी बदल गयी है आज के दौर मै इंटरनेट इतना जरूरी हो गया है की किसी भी इंसान का टाइमपास इंटरनेट के बिना नहीं होता है।

सभी जरूरतों को देखते हुए 4G LTE इंटरनेट के बाद 5G इंटरनेट का प्रयोग हो गया है जिसमे मीमो का इस्तेमाल किया गया है। 5G की सभी कमियों को पूरा मीमो ने ही किया है इस मै आपको 1GBPS से लेकर 10GBPS तक हो सकती है।

इतनी ज्यादा स्पीड ही एअक यूजर की जर्रूरत है एअक अच्छे इंटरनेट क लिए। मीमो मै 5G मै 1800 MHz वाला स्पेक्ट्रम इस्तेमाल होगा जो की INDIANGOVT की द्वारा प्रमाणित है।

एयर फाइबर क्या है इसके बारे मै जाने

मीमो की प्रकार

आज के बकत मै 4 प्रकार की मीमो को इस्तेमाल किया जाता है

  1. 1×1 टेक्नोलॉजी
  2. 2×2 टेक्नोलॉजी
  3. 3×3 टेक्नोलॉजी
  4. 4×4 टेक्नोलॉजी

जैसे की 1×1 मै एक सिंगल ऐंटेना काम करता है एसी तरह 2×2 और 3×3 काम करता है। अगर हम 4×4 की बात करे तो इसमें
आपको ट्रांसमीटर और रिसीवर पर 4 ऐंटेना लग्गे मिलेंगे जो की एअक साथ काम करते है और आपको एअक अच्छा नेटवर्क और इंटरनॉट
की जर्रूरत को पूरा करते है।

मीमो के फयदे और नुक्सान हिंदी

मीमो के फयदे

  1. मीमो एक बार मै मल्टीपल यूजर को संभाल सकता है।
  2. मीमो का इस्तेमाल अब wifi टेक्नोलॉजी मै भी होने लगा है।
  3. इसमे आपको नेटवर्क अच्छा मिलता है।
  4. ज्यादा एंटेना होने के बाबजूद उर्जा(power) कम् लगती है।
  5. मीमो मै आपको अब 3G ,4G ,मै इस्तेमाल होने लगा है।

मीमो के नुक्सान

  1. मीमो मै होने वाली लागत (Cost) बहुत होती है सामान्य टेक्नोलॉजी से।
  2. मीमो मै बहुत सारे लगने वाले ऐंटेना जो की बहुत रेडिएशन पैदा करते है।
  3. इसको खराब होने पर ठीक करना बहुत कठिन है।
  4. इसमें लगने वाले उपकरण आसानी से नहीं मिलते है इम्पोर्ट करवाने पड़ते है।
  5. सबसे बड़ी समस्या इसमें लगने वाली बैटरी जो की उर्जा देती है सिस्टम को जल्दी खराब हो जाती है ज्यादा लोड के कारन।

मीमो का टेलीकॉम मै काम

मीमो टेक्नोलॉजी टेलीकॉम इंडस्टरी मै पूरे जोर से काम कर रही है इंडिया मै। भारत मै सभी टेलीकॉम अब मीमो का इस्तेमाल करने
लग्गे है है जो की एक बहुत अच्छी बात है।

हर एक इंसान को अब एक अच्छे इंटरनेट की जर्रूरत है और हर कंपनी अपनी सर्विस को
अच्छी से अच्छी करना चाहती है। मीमो टेक्नोलॉजी 5G टेक्नोलॉजी का भविष्य है।

सभी कम्पनिआ मीमो को 3G ,4G ,और आने वाली
5G मै इस्तेमाल लड़ने लगी है। ऐसा करने मै टेलीकॉम को टाइम तो लगता है लेकिन सर्विस यूजर को अच्छी मिलती है।

भारत मै हर एक कमपनी का टावर है हर टावर मै पुराणी टेक्नोलॉजी जो की (SISO) है यह एक अच्छी टेक्नोलॉजी है समय को देखते हुए
यह अच्छी नहीं है इसमें सिंगल ऐंटेना का प्रयोग किया जाता है.

बहुत ही स्लो है। अब 2021 के दौर मै मीमो इस्तेमाल होने लग गयी है।
एक टावर पर एअक ही सिंगल ऐंटेना होता है अब साड़ी कम्पनिआ अपने अपने टावर्स को मीमो मै तब्दील कर रही है और साथ ही साथ
अपनी सर्विस को अच्छा बना रही है। इस तरह से टेलीकॉम सेरक्टर मै मीमो का प्रयोग होता है।

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