Air Charging क्या है? – Air Charging कैसे काम करती है?

कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को बिना तार के चार्ज करने को Air Charging कहते है। यह नई टेक्नोलॉजी है जिसको पहली बार 2021 में लोगो के साथ घोसित किया गया है।इस टेक्नोलॉजी की मदद से किसी भी उपकरण को चार्ज तथा पावर देने के लिए किसी भी तार केबल की आबश्यकता नहीं है।यह टेक्नोलॉजी मोबाइल के लिए बनायीं गयी है।

इस से पहले वायरलेस टेक्नोलॉजी का प्रयोग हुआ था जिसमे हम अपने मोबाइल फ़ोन को वायरलेस चार्जिंग पैड पर रख देते थे जिस से मोबाइल फ़ोन अपने अप्प चार्जिंग में लग जाता था।यह टेक्नोलॉजी वायरलेस चार्जिंग का अगला वर्शन है।

Air Charging कैसे काम करती है?

अगर हम Air Charging की बात करें तो यह टेक्नोलॉजी एक ट्रांसमीटर और एक रिसीवर के बीच में होने वाली कम्युनिकेशन है। ट्रांसमीटर जो की किसी भी सिग्नल को चाहे कोई भी हो उसको भेजना है.

और रिसीवर किसी भी सिग्नल को अपने पास लेने के लिए रोकता है।मोबाइल कंपनी क्सिओमी(Xiaomi)ने एक प्रकार की टेक्नोलॉजी बनायीं है।इस टेक्नोलॉजी में आपको एक बेस चार्जर मिलेगा जो की एक ट्रांसमीटर होगा उसको एक कमरे में रखा जायेगा और उस चार्जर को पावर सप्लाई से कनेक्ट किया जायेग

जब भी कोई मोबाइल फ़ोन कमरे में आएगा तो बेस चार्जर उसको खोज कर चार्जिंग लगा देगा जिस से मोबाइल चार्जिंग में लग जायेगा।

यह सारा सिस्टम एलेक्ट्रोमग्नेटिक वेव्स(Electromagnetic Waves)की मदद से काम करता है। एक एलेक्ट्रोमग्नेटिक कएल चार्जर के बेस में लगी होती है और एक कएल मोबाइल में लगी होती है।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम क्या है

जब भी दोनों कएल एक दूसरे के संपर्क में अति है तो एलेक्ट्रोमग्नेटिक वेव्स के जरिये ऊर्जा एक जगह से दूसरी जगह तक चली जाती है। इस सारे प्रोसेस में मोबाइल फ़ोन चार्जर में लग जाता है।इस बेस चार्जर में लगभग 100 से ज्यादा एंटेना है जो की उपकरण की दिशा अनुसार एलेक्ट्रोमग्नेटिक बीम को भेजने के लिए इस्तेमाल होते है।

इस तरह ही मोबाइल फ़ोन में लगभगएं 2 एंटेना होते है जो की बेस चार्जर से आने वालीवेव को अपने अंदर ले जा कर फ़ोन को चार्ज करते है। इसको ही एयर चार्जिंग टेक्नोलॉजी कहलाता है।

Air Charging की जरुरत क्यों पड़ी?

दरशल एयर चार्जर की जरुरत इस ले पड़ी क्यूंकि आज कल के ज़माने में बहुत सारे फ़ोन हो गए है अगर हम एक घर की बात करें तो एक घर में लगभग 2 से ज्यादा फ़ोन हो गए है एस्लाई ही ें चार्जर ही संख्या को कम करने के लिए इस टेक्नोलॉजी का अबिष्कार हुआ है।

इस में आपको किसी भी जगह पर चार्जर या फिर केबल को ले कर जाने की कोई अबनषकता नहीं है और ना ही एक जगा पर बह के चार्जिंग लगाने की। आप कमरे में किसी भी जगह पर बेथ कर इस का इस्तेमाल कर सकते है।

Air Charging की कितनी क्षमता है चार्जिंग की

अगर हम एयर चार्जिंग की क्षमता पता करे तो लगभग 5W की चार्जिंग करती है एयर चार्जिंग। यह एक प्रकार की नयी टेक्नोलॉजी है जिस पर अभी काम चल रहा है अगर हम आने वाले समय की बात करें यह क्षमता बहुत ही जल्दी बढ़ जाएगी।

5W भी एक बहुत बड़ी बात है चार्जिंग के लिए अगर हम कुश साल पहले की बात करें तो कुश सामान्य मोबाइल फ़ोन में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता था।

Air Charging का किन उपकरण में इस्तेमाल होता है

अगर हम इस्तेमाल की बात करें तो बहुत सारे उपकरण में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है जो की निचे दिए गए है

  1. सबसे पहले इसका इस्तेमाल मोबाइल फ़ोन टेक्नोलॉजी में होता है।
  2. जैसे की किसी भी प्रकार का स्पीकर का इस्तेमाल भी इस टेक्नोलॉजी में होता है।
  3. जैसे डिजिटल गढ़ी में भी इस का इस्तेमाल हो सकता है।
  4. गर आपके घर में कोई लैंप है जो बिजली से चलता है उसको पावर देने के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
  5. वायरलेस हैडफ़ोन को चार्ज करने के लिए भी इस को इस्तेमाल किया जा सकता है।

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