वैश्वीकरण क्या है? हिंदी में अर्थ ?

वैश्वीकरण जिसे इंग्लिश में ग्लोबलाइजेशन बोलै जाता है बिशव के सभी देश उदारीकरण की नीति को अपना लेते है,उदारीकरण का मतलब जैसे कोई व्यक्ति किसी अन्य देश में अपना व्यापार शुरू करना चाहता है उन देश की नीति को सरल बनाने को उदारीकरण बोलते है .

उदाहरण तौर पर जैसे भारत में कोई अन्य देश आपरी व्यापार  करने के लिए आया है तो भारत के कानून बहुत शक्ति है व्यापार के कानून को लेकर ,उदारीकरण इन कानूनों को सरल बनाता है . जब बिशव के देश इन उदारीकरण को मान लेते है तो सभी जगह एक ही करण हो जाता है ,इस में सभी देशों में व्यापार करना बहुत आसान हो जाता है उसी को ही वैश्वीकरण बोलते है।

वैश्वीकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत किसी विशेष देश की कंपनी अपने देश के अलावा किसी भी अन्य देश में अपना व्यापार शुरू कर सकती है। उदाहरण के टूर पर जैसे की हमारे भारत देश में मास्लो का भरपूर मात्रा में उत्पादन होता है ,

अगर हमारे यहां वैश्वीकरण नहीं होता तो हम केवल भारत में ही अपना मसाला बेष सकते थे , इसके होने से हम बाहर किसी भी देश जैसे की यूनाइटेड स्टेट्स , कनाडा अन्य देश में अपने भारत के मासाला बेच सकते है।

वैश्वीकरण के लाभ (Advantages of Globalisation)

1. ऐसा होने से कॉम्पिटिशन भी ज्यादा हो जाता है ,जैसे उदाहरण से समजे,जैसे भारत में पहले बहुत सारी मोबाइल कंपनी थी बह अपना दाम एप अनुसार रखती थी इसमें ग्राहक को मेहगे और अच्छे मोबाइल फ़ोन नहीं मिला करते थे ,

वैश्वीकरण के आने के बाद बाहरली कंपनी बहरत में आने लगी लगी अपना मोबाइल का बेपार शुरू किया ,अच्छे और लोगो के लिए सस्ते मोबाइल बनाये जिस से लोगो को अच्छा लाभ मिला। यह वैश्वीकरण की सबसे अच्छी उदाहरण है।

2. इस प्रक्रिया से अपने देश में इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट बहुत होने लग जाता है ,ऐसा होने बहुत अच्छा माना जाता है इस से देश में बहुत जल्दी ग्रोथ होती है और देश जल्दी से तारीकी की राह जाता है।

3.Vaishvikaran से विदेश में रोजगार के अवसर बहुत हो जाते है ,यह देश की बेरोजगारी को बहुत कम करता है। अगर बाहर से कोई व्यापारी भारत में अपना कंपनी स्थापित करता है तो उस कंपनी को चलने के लिए वर्कर की आवश्यकता रहती है ,

इसी कारण से यह रोजगार के अवसर को बडा हवा देता है।इस से बहुत सारे बेरोजगार व्यक्ति एक अच्छी नौकरी में अपना काम कर सकते है।

4. Vaishvikaran से अन्य नई तकनीक का आगमन होता है। जैसे की भारत में बहुत कम नयी तकनीक है ,अगर कोई अन्य अमेरिका की कंपनी भारत में अपना व्यापार शुरू करती है तो भारत में अपनी नयी तकनीक से काम करेगी ,

ऐसा होने पर देश एक नयी तकनीक पर काम करता है और उनकी तकनीक मिलती है। बहुत सारे देश ऐसे होते है जिनके पास पैसा होता है पर तकनीक नहीं होती इस प्रक्रिया से आप अपने देश में नयी तकनीक को लिया सकते है।

वैश्वीकरण से होने वाली हानि (Disadvantages of Globalisation)

1. वैश्वीकरण से छोटे कारोबार को बहुत हानि होती है ,जैसे की किसी शहर में बड़ी कंपनी आने पर लोग बड़ी कंपनी से अपना सामान लेता पसंद करेंगे ना की किसी घरेलु छोटी कंपनी से ,

यह वैसबीकरण की बहुत बड़ी समस्या है।बहुत सारे छोटे उदजोग के पास इतना पैसा नहीं होता की बह एक बहुत बड़ा कारोबार शुरू कर सकते है इस तरह से होने से यह कारोबार बंद भी हो सकते है।

2. प्रचार करना
बहुत साडी बड़ी कंपनी अपने प्रोडक्ट का इतना उतार चढ़ा कर प्रचार कर देते है की लोग उनका प्रोडक्ट लेने के लिए मजबूर हो जाते है जैसे की टेलेवीशन ,रेडियो ,मोबाइल ,अखबार अदि में अपना प्रचार करना। इस से उलट एक छोटे बेपारी के पास इतना पैसा नहीं होता की अपने सामान पर इतना प्रचार कर सके।

3. लक्सरी वस्तु का आना। आज कल की कंपनी अपने सामान ऐसा बना देती है की जो लोगो को अच्छा कम्फर्ट आराम दे। दरशल लोग ऐसा ही प्रोडक्ट लेना पसंद करते है।

अच्छा क्वालिटी वाला आरामदायक बस्तुए बना कर कंपनी बहुत पैसा बनाते है दूसरी तरफ छोटे व्यापारी अपना ऐसा प्रोडक्ट नहीं बना सकता और उसका नुकसान होता है।

4. वैश्वीकरण का एक और नुकसान है कि गरीब देश गरीब होता रहता है और अमीर देश और अमीर होता रहता है। ऐसा इस लई है कोई भी कंपनी किसी दूसरे देश में अपना बैपार इस लई स्थापित करती है क्योंकि उसके पहले से ही प्रॉफिट मुनाफा हो रहा है इस लई दूसरे देश में अपना दूसरा कारोबार लगा रही है ,गरीब देश में कंपनी को अच्छी और सस्ती लेदर मिल जाती है जिससे कम पैसे देकर अपना ज्यादा से ज्यादा काम करवा लेती है। यह भी एक वैश्वीकरण का एक और हानि है।

 

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