Radar क्या है? – Radar कितने प्रकार के होते है?

Radar जिसे रेडियो डिटेक्शन एंड रेंजिंग(Radio Detection And Ranging)कहा जाता है। रडार जो की विद्युत चुम्बकीय या रेडियो तरंगें का इस्तेमाल करके किसी भी चलती या दूर की बस्तुए जैसे की हवाई जहाज़ ,बहन की गति अदि को मापने का काम करता है ऐसे रडार कहते है।विद्युत चुम्बकीय तिरंगे जो भी बहुत ज्यादा फ्रीक्वेंसी की होती है.

इसमे इस्तेमाल की जाती है।रडार एक प्रकार का ट्रांसमीटर होता है जो रेडियो तरंग को ट्रांसमिट करता है जब बह तिरंग किसी भी बस्तु जैसे की हवाई जहाज़ ,पहाड़,मिसाइल ,अदि से टकराती है तो उस से रिफ्लेक्ट होकर बापिस रिसीवर पर आ जाती है जिस से यह पता चलता है की बस्तु कितनी दूरी पर है इस प्रकार से रडार से किसी भी बस्तु की दिशा और दूरी का पता लगाया जाता है और उस बस्तु की चित्र कंप्यूटर स्क्रीन पर दर्शाया जाता है।

Radar की खोज किसने की

Radar की खोज 19th सदी में हेनरिच हेर्त्ज़(Heinrich Hertz) द्वारा की गयी थी। इन्होने ने दर्शाया की रेडियो तिरंगा को जो की चुंबकिये तिरंगे होती है उनको एक धातु की वस्तुएं से टकरा कर खोज की थी।अगर हम माने तो यह एक बहुत बड़ी खोज है 19th सदी की।Radar किस सिद्धांत पर किरिया करता है

रडार विद्युत चुम्बकीय जो की रेडियो तिरंगे है इस सिद्धांन्त पर काम करता है Radar की प्रयोग होने वाली तिरंगे बहुत ही ज्यादा पावरफुल है जो रेडियो वेव की तरह होती है।विद्युत चुम्बकीय ही एक ऐसा जरिया है जिस पर हम इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकते है।

Radar का उपयोग किस के लिए किया जाता है

Radar का उपयोग कोई भी बस्तु जैसे की ज़हाज़,ट्रैकिंग सिस्टम अदि में किया जाता है। जैसे की मिलटरी सबसे ज्यादा Radar का उपयोग करती है जैसे की उसको पता चल सके की दुसमन कितनी दूर है।

हवा में चलते हुए बिमान को Radar की मदद से उसकी गति और उसकी दूरी को मापा जाता है जिसका उपयोग बहुत ही अच्छी तरह से किया जाता है।

  1. Radar का उपयोग पुलिस बहन की गति मापने के लिए करती है।
  2. इसको समुन्दर में पनडुब्बी में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  3. ज्यादातर इसको मौसम के लिए भीइस्तेमाल में लिया जाता है।
  4. इसकी मदद से देस को अपने दुश्मनो पर नज़र राखी जाती है।
  5. Radar हवा में किसी भी उड़ती बस्तु को माप सकता है।

Radar कैसे काम करता है

Radar एक प्रकार का ट्रांसमीटर एंटेना है जो की एलेक्ट्रोमग्नेटिक जैसे चुंबकिये तिरंगे कहते है उनको हवा में शोड़ता है जब सोडी हुयी तिरंग किसी बस्तु से टकरा कर बापिस Radar के रिसीवर एंटेना पर आती है.तो उस से उस बस्तु की दूरी और उसका आकर पता चल जाता है।

Radar बहुत ही स्मार्ट काम करता है यह लगभग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तक काम कर सकता है। यह एंटेना सारा दिन 360 डिग्री घूमता रहता है। इसमे कई प्रकार के सेंसर लगे होते है जो की बस्तु की दूरी के इलावा उसका तापमान और उचाई सब रिकॉर्ड कर के अपने सम्पुटर के जरिये बता देते है इस प्रकार से Radar काम करता है।

Radar कितने प्रकार के होते है आपको निचे दिया गया है:-

MTI Radar क्या होता है

MTI राडार का पूरा नाम मूविंग टारगेट इंडिकेशन(Moving Target Indication)है। जैसा नाम बैसा काम यह राडार अपने टारगेट को जो की किसी भी सतह पर हो उसको अपना निशाना बना लेता है।

उदाहरण के तोर पर जैसे एक हवाई ज़हाज़ है हवा में बहुत उच्चा है दिखाई नहीं दे रहा तो MTI राडार उस को बहुत ही जल्दी ढूंढ लेगा। यह राडार एक प्रकार की फ्रीक्वेंसी को बना कर भेजता है जो की चुंबकिये तिरंगे होती है। इस प्रकार कमी फ्रीक्वेंसी की को बनाने के लिए क्लीस्टरोण (Klystron)और मैग्नेट्रान(Magnetron)का इस्तेमाल होता है।

इन दोनों देवीकेस के द्वारा फ्रीक्वेंसी(Frequency)को लोकल ओस्सिल्लातोर(Local Oscillator) की मदद से बनाकर इस्तेमाल किया जाता है।

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स्वाथी Radar क्या होता है

आज हम स्वाथी रडार के बारे में बात करेंगे यह रडार इंडिया की आर्मी का खुद का बनाया हुआ रडार है या फिर इंडिया ने खुद ऐसे बनाया है। जिसका पूरा नाम “दी वेपन लोकेटिंग राडार”(The Weapon Locating Radar)है।

जिसे की LRDE और DRDO और BEL द्वारा इंडिया मए ही बनाया गया है। यह तीनो भारत की ही संस्था है जो की इलेक्ट्रॉनिक का सामान बनाती है।

यह रडार दुसमन द्वारा किये गए हमले को ट्रैक करता है और उन के टिकने को पता लगाकर डाटा देता है। इस रडार का दूसरा भाग जो की ट्रैक किये हुए डाटा को लेकर दुसमन के इलाके में हमला करने के लिए मदद करता है की दुसमन किस इलाके में है।

यह रडार 30 से लेकर 40 किलोमीटर तक मिसाइल सोड सकता है। इस रडार को एक बहन के ऊपर स्थापित किया हुआ है ता जो रडार की इधर उधर लेजा जा सके और इस को रेमोटल्ली भी कण्ट्रोल किया जा सकता है। यह रडार इस -20 to +55 °C तापमान पर काम कर सकता है।

पल्स Radar क्या होता है – Pulse Radar In हिंदी

पल्स राडार जिसे डोप्पलर(Doppler) भी कहा जाता है।यह राडार अपने निशाने की दूरी तो तेह करता है की निशाना किस दिशा में लगाना है और कितनी दूर है। बहुत ही तेज गति में चलने वाली बशतु जो भी राडार के एरिया के अंदर आएगी उसे यह ट्रैक कर लेगा।

यह राडार डोप्पलर प्रभाब के (Doppler Effect)के जरिये भी काम करता है। यह इफ़ेक्ट जैसे की किसी भी बस्तु जो की बहुत स्पीड से गुजर रहा है अगर नज़दीक से देखो तो इसका प्रभाब बहुत ज्यादा होगा अगर दूर से देखे तो बहुत ही काम पतभब होगा इस प्रकार से डोप्पलर प्रभाब काम करता है और ऐसी मडीएम से पल्स और कॉन्टिनुएस राडार काम करता है।

FMCU Radar क्या होता है – FMCU Radar In Hindi

इस राडार का पूरा नाम “फ्रीक्वेंसी मॉडलटेड कॉन्टिनुऔस वेव राडार”(Frequency Modulated Continuous Wave Radar)है।यह एक मात्र ऐसा विशेष राडार है जो की किसी भी कॉन्टिनुऔस तिरंग को देख सकता है।

यह राडार फ्रीक्वेंसी मापते समय अपने फ्रेक्वेंय को बदल भी सकता है जो एक बहुत बड़ी बात है।यह बहुत दूरी वाले टारगेट को बहुत ही कम फ्रीक्वेंसी रेंज से माप सकता है। इसकी टारगेट को देखने की क्षमता बहुत ही अच्छी है बाकि राडार से। यह राडार बाकि राडार से एस्लाई अलग है क्यूंकि इसमे पावर को कंटीरोल करने की क्षमता ज्यादा है बहुत दूर से अपने निशाने का पता लगा सकता है।

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