PSTN क्या होता है ? – PSTN का फुल फॉर्म क्या है ?

PSTN जिसे की हम पब्लिक स्विट्च्ड टेलीफोन नेटवर्क कहते है। यह एनालॉग टेक्नोलॉजी पर काम करने वाला सिस्टम है।यह सिस्टम टेलीफोन की सभी लाइन को स्विच करने के लिए काम में लिया जाता था ता की संचार हो सक। इसकी शुरुआत 1876 इ को हुयी थी इसको 1970 के दर्शय में इस्तेमाल होने लग गया था। इस सिस्टम के साथ बहुत सरे टेलीफोन को एक ताम्बे की तर जिसे कॉपर कहा जाता है इसके साथ कनेक्शन होता है। सभी लेडलाइन टेलीफोन को PSTN के साथ जोड़ा जाता था। 19 सदी का सबसे अच्छा संचार करने का उपकरण था टेलीफोन।

PSTN कैसे काम करता है

अगर हम इस सिस्टम के काम करने के जरिये के बारे में बात करें तो यह बहुत पुराणी और अच्छी टेक्नोलॉजी है।यह टेक्नोलॉजी एनालॉग कम्युनिकेशन के जरिये से काम करता था जिसमे तर का इस्तेमाल होता था। एक राज्ये में बहुत सारी PSTN होती और उसके साथ बहुत सेहरो में टेलीफोन एक्सचेंज होती थी जो की इसी प्रकार का काम करती थी।

जब एक टेलीफोन से दूसरे टेलीफोन तक फ़ोन लगाना होता था तो टेलीफोन में दइआलेर का इस्तेमाल होता था ऐसा इस लाई क्यूंकि डाईलर टेलीफोन नंबर से काम करता था। जब टेलीफोन में नंबर डायल होता था तब PSTN को सन्देश जाता था की कोई फ्रीक्वेंसी डायल हो रही है जिस से यह पता चल ता था की कॉल को किस जगह पर करना है। यह कालिंग इस तरीके से ही होती थी।जब कॉल पूरी हो जाती थी तब यह सिस्टम इस नेटवर्क को तोड़ देता था जिस से यह संचार समापत हो जाता था।

अगर अब के ज़माने की बात करें तो अब के ज़माने में डिजिटल कम्नुनीकेशन होने लगी है जिसमे ऑप्टिकल फाइबर ,माइक्रोवेव ,अदि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होने लगा है।

यह टेक्नोलॉजी बहुत ही तेज है पुराणी टेक्नोलॉजी से। अगर हम भारतीय टेलीकॉम कंपनी BSNL की बातकारें तो इसकी पूरे भारत में बहुत सारी एक्सचेंज है। जब PSTN का जमाना होता था तब भारत में बहुत मशहूर था इस के पूरे भारत में बहुत सरे लेडलाइन चलते थे लकिन आप बहुत कम हो चुके है क्यूंकि अब डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होने लगा है।

इस सिस्टम में संचार की गति 64kbps होती थी जो की अब के मुकाबले बहुत कम है। इस गति से संचार करना बहुत मुश्किल था इस टेक्नोलॉजी में कई बार बहुत सारी टेलीफोन लाइन बिअस्त होती थी जिसे से संचार करने में बहुत मुश्किल अति थी। और इस टेक्नोलॉजी में इंटरनेट चलने का कोई भी जरिया नहीं होता था।

जब से ऑप्टिकल फाइबर का जमाना आया है तब से कॉपर केबल से भी अच्छी कालिंग और एक अच्छा इंटरनेट को चलना सम्भब हो चूका है। PSTN में एक बार एक ही साइड संचार करना सम्भब था ऐसा इस लाई इसमे इस्तेमाल होने वाली फ्रीक्वेंसी बंद बहुत कम था। यह सिस्टम ऐसे काम करता था।

PSTN के फयदे और नुक्सान

पब्लिक स्विट्च्ड टेलीफोन नेटवर्कके फयदे
1 अगर हम पुराने ज़माने की बात करें तो यह सबसे अच्छा तरीका था संचार करने का।
2 काम समय में ज्यादा दूरी तक संचार करना सम्भब हो चूका था।
3 इस सिस्टम द्वारा करि जाने वाली कालिंग बहुत अच्छी क्वालिटी की होती थी।
4 PSTN में होने वाले नुकसान बहुत कम होते है जैसे की नेटवर्क अदि ।
5 यह सिस्टम एक अच्छी सुरक्षा देता था जिस से कॉल को कोई और न सुन पाए।

पब्लिक स्विट्च्ड टेलीफोन नेटवर्क के नुकसान

1 इसको लगाने की लगत बहुत अति थी।
2 इस सिस्टम में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं होता था।
3 यह सिस्टम कई बार किसी और की लाइन से जुड़ जाता था।
4 टेलीफोन लगाने के लिए इस सिस्टम में बहुत कम स्विच थी।
5 PSTN को हर शहर में लगाना पड़ता था जैसे की एक एक्सचेंज होती है।

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