Mosfet क्या है ? – Mosfet क्या काम करता है ?

Mosfet जिसे “मेटल ऑक्साइड सेमीकंडक्टर फील्ड इफ़ेक्ट ट्रांजिस्टर” भी कहते है।यह ट्रांजिस्टर ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक के कामो के लिए इस्तेमाल में लिए जाता है। इसका आकार बहुत ही छोटा होता है। यह कॉम्पोनेन्ट सेमीकंडक्टर मटेरियल का बना होता है जो की बहुत काम बिजली की चालकता होती है इस मटेरिअल में इसमे असुदता मिलायी जाती है.

जिसको डोपिंग कहा जाता है।यह 3 पिन उपकरण होता है जिसके नाम है सोर्स(Source),गेट (Gate),ड्रेन (Drain)होते है।Mosfet प्रिंटेड सर्किट बोर्ड में स्विचन का काम करता है। यह Mosfet ३ पिन से शुरू होकर बहुत सरे पिन जैसे की 8 पिन तक होता है।यह लगभग 5V से काम करने लग जाता है.

इस से काम वोल्टेज करंट से यह काम नहीं करता। अगर हम इसको इसकी जरुरत से ज्यादा वोल्टेज देंगे तो यह खराब भी हो सकता है।

Mosfet क्या काम करता है।

अगर हम Mosfet के काम के बारे में बात करें तो Mosfet ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण जैसे की कंप्यूटर ,मोबाइल अदि में इस्तेमाल होता है जैसे की आपको निचे बिस्तर सहित दर्शाया गया है।

  1. Mosfet को कंप्यूटर में पावर सप्लाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है यह कंप्यूटर में आने वाली अल्टेरनेटिंग करंट को डायरेक्ट करंट में तब्दील कर देता है।
  2. इसको ज्यादातर इन्वर्टर में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  3. Mosfet जो की हर प्रकार के एम्पलीफायर में भी इस्तेमाल किया जाता है जो की किसी भी सिग्नल जैसे की आवाज़ तिरंगे अदि को बढ़ने के लि इस्तेमाल में लिए जाते है।
  4. Mosfet को DC मोटर को कण्ट्रोल करने के लिए भी इस्तेमाल में लिया जाता है।
  5. ऐसे उपकरण जिसमे फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल लिए जाता है इस प्रकार के उपकरणों मई भी मॉस्फेट काम में लिया जाता है।

कितने प्रकार के होते है।

 

सामान्य तोर पर मॉस्फेट दो प्रकार के होते है।

  1. P Channel Mosfet
  2. N Channel Mosfet

P Channel Mosfet

इस प्रकार के Mosfet इसमे जब डायोड वाला हिस्सा जब ड्रेन से सोर्स वाल रहता है तो इस प्रकार के Mosfet जो P Channel Mosfet कहते है। इस मॉस्फेट में ड्रेन और बॉडी जुड़े होते है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल क्या है

इस प्रकार के मॉस्फेट में दो प्रकार के जंक्शन होते है। इस में गेट और सोर्स को एक बैटरी के साथ जोड़ दिआ जाता है। ऐसा करने पर बॉडी में फ्री इलेक्ट्रॉन्स ग्राउंड की तरफ जाने लगेंगे और इलेक्ट्रॉन्स इकठे हो के जमा हो जायेगे।

इसमे ज्यादातर होल्स होते है जो की फ्लो होने वाले करंट को ले के जाते है एक से दूसरी तरफ। इस प्रकार के Mosfet  को P चैनल मॉस्फेट कहा जाता है।

N Channel Mosfet

इस प्रकार के Mosfet को N Channel Mosfet कहा जाता है।इस प्रकार के मॉस्फेट का रीजन सोर्स और ड्रेन के बिच में बनता है। इस मोसगफट में N का मतलब नेगिटिव है।

यह चार टर्मिनल उपकरण है जैसे की गेट ,ड्रेन,सोर्स,बॉडीयह इस मॉस्फेटके पिन होते है जो की इस्तेमाल में लिए जाते है। ड्रेन और सौस को डोप्पड़ किया जाता है। इस में नेगिटिव चार्ज इलेक्ट्रान फ्लो करते है।

यह Mosfet ज्यादातर बॉन या ऑफ का काम करता है। जो की एक शामे पर चालू होता है और एक समय पर बंद होता है। इस प्रकार के मॉस्फेट को N चैनल मॉस्फेट कहते है।

Mosfet के बारे में और जानकारी

अगर हम इलेक्ट्रॉनिक की बात करे तो आज कल के ज़माने में बहुत तरक्की की है। इसी तरह इन कॉम्पोनेन्ट का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होने लगा है।

अगर हम किसी भी कंप्यूटर की बात करे तो इसमे पावर सप्लाई से लेकर मदरबोर्ड तक इसका इस्तेमाल होता है। जैसे की किसी भी सिस्टम को चलने के लिए एक सामान्य वोल्टेज की आबश्यकता होती है .

जिस से यह चलता है इसी तरह इस वोल्टेज को पूरा करने कजे लिए इस Mosfet को लिया जाता है। यह पावर सप्लाई में लोड मुताबिक सप्लाई करंट देते है।

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