Microcontroller क्या होता है? – Microcontroller कितने प्रकार के होते है?

Microcontroller एक प्रकार का इंटीग्रेटेड सर्किट(IC) है आसान भाषा में एक छोटा कंप्यूटर होता है जिसमे प्रोसेस्सर ,रेम ,मेमोरी ,अदि एक सर्किट में ही लगा होता है। माइक्रोकंट्रोलर को ज्यादातर ऐसे उपकरण जिस में कंप्यूटर की आबश्यकता हो जो अपने आप कमांड पर काम करें ऐसे उपकरणों में लगाया जाता है।

कंप्यूटर के चारो भाग होने के कारन इसमे इनपुट(Input)औरआउटपुट (Output)पिन लगे होते है। सामान्य तोर पर आई॰ सी के 40(PIN)पिन होते है जिस से बह किरिआ करता है। इस आई॰ सी॰ को काम करने के लिए कोई एक्सटर्नल प्रोसेस्सर और रेम की जरूरत नहीं पड़ती इसमे पहले से ही सब कुश लगा होता है।

Microcontroller आम तोर पर ऐसे उपकरण जैसे की वाशिंग मेसीन,माइक्रोवेव ,टीवी,फ्रिज अदि में उपयोग होता है। इसका छोटा आकर होने के कारन फिर भी बहुत सरे काम कर सकता है।जैसे हम जानते है की ट्रैफिक लाइट एक टाइम पर चालू हो जाती है और दूसरी तरफ बंद हो जाती है इन सारी लाइट को कोई नहीं चलाता इसको सिर्फ आई॰ सी ही चलता है कब,कहा और कैसे कोनसी लाइट चलानी है यह सब काम Microcontroller के है।

प्रोसेस्सर किसे कहते है-कितने प्रकार का होता है

Microcontroller कितने प्रकार के होते है

आम तोर पर Microcontroller 5 प्रकार के होते है। आई॰ सी को दरअसल बिट के आकार पर बाटा गया है जैसे की 8bits, 16bit, and 32bit। अगर हम पुराने ज़माने की बात करें तो जब कंट्रोलर बने थे तब 8 बिट से शुरू हो गए है अब अगर अज्ज 2021 की बात करे तो 32 bits तक इस्तेमाल होता है। अझुम आपको 5 प्रकार के Microcontroller के बारे में बताते है।

  1. पिक माइक्रोकंट्रोलर
  2. एआरएम माइक्रोकंट्रोलर
  3. 8051 माइक्रोकंट्रोलर
  4. AVR माइक्रोकंट्रोलर
  5. MSP माइक्रोकंट्रोलर

1 पिक माइक्रोकंट्रोलर:-

इसका नाम प्रोग्रामेबल इंटरफ़ेस कंट्रोलर है। इसको प्रोग्राम करने के लिए हम एम्बेडेड C प्रोग्रामिंग का प्रयोग होता है। इस परार के आई सी को ऑडियो के लिए और जैसे रेडियो रिमोट अदि में इस्तेमाल होता है। आकार में छोटा होता है और काम अच्छा करता है।

2 एआरएम माइक्रोकंट्रोलर:-

ARM एक इंग्लैंड की कंपनी द्वारा बनाया गया कंट्रोलर है जिसका नाम (Acorn Risc Machine ) है। यह कंट्रोलर एक प्रोसेस्सर की तरह भी काम करता है।

इसको हम मोबाइल फ़ोन ,टेलीविज़न ,सेट टॉप बॉक्स ,वीडियो गेम्स अदि मै प्रयोग होने वाला प्रोसेस्सर है जैसे की बड़ी बड़ी कंपनी स्नैपड्रगन जैसी इसका ही प्रयोग करती है। अज्ज के ज़माने मै सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्रोसेस्सर है।

3 8051 माइक्रोकंट्रोलर:-

अगर हम 8051 आई॰ सी की बात करें तो यह 40 पिन इंटीग्रेटेड सर्किट है। यह सरे काम अपने अप्प कर सकता है जैसे की वासिंग मेचीने मै टाइमर ऑन ऑफ करना और साथ मै ट्रैफिक लाइट को चलना इस कंट्रोलर का ही काम है।

इस को इंटेल(Intel) के द्वारा बनाया गया था 1981 मै।इस मै एक क्रिस्टल ओस्सिल्लातोड़(Crystal Oscillator) लगा होता है जो की फ्रीक्वेंसी को बनता है। यह अज्ज तक का सबसे अच्छा आई॰ सी है।

4 AVR माइक्रोकंट्रोलर:-

इसका पूरा नाम आटोमेटिक वोल्टेज रेगुलेटर (Automatic Voltage Regulator) है इस का प्रयोग ज्यादा तर आर्डिनो मै होता है। इस Microcontroller मै ही सबसे पहले प्रोग्राम को फ़्लैश किया गया था।

यह बहुत ही तेज काम करता है इसको प्रोग्राम करने के लिए भी C प्रोगरामिंग का ही प्रयोग करते है। आटोमेटिक projects जैसे की IOT (Internet of Things) मै इस्तेमाल होता है। यह भी एक बहुत अच्छा कंट्रोलर है।

5 MSP माइक्रोकंट्रोलर:-

इसका पूरा नाम मिक्स्ड सिग्नल Microcontroller (Mixed Signal Microcontroller) है। इसकी खासियत यह है की इसका कॉस्ट बहुत ही काम है और साथ मै यह पावर कम लेता है।

इसको ज्यादातर आटोमेटिक कामो के लिए इस्तेमाल होता है जैसे की कार के सिस्टम मै। अगर इसमे प्रोगरामिंग करना है तो हम C प्रोगरामिंग का ही प्रयोग करते है।

माइक्रोकंट्रोलर काम कैसे करता है – Microcontroller Working in Hindi

Microcontroller काम करने के लिए पावर की जरूरत है जैसे की इसके पिन पर दी जाती है इसको लगभग 5V वोल्टेज दी जाती है अच्छी तरह काम करने के लिए। यह आई सी कमांड के जरिये कम करता है जैसी हम इसको कमांड देंगे यह बैसे ही हमें कम करके देगा।

जैसे की मैंने माइक्रोवेव मै खाना बनाना है मै माइक्रोवेव मै 10 मिन्ट का टाइम लगा दूंगा तो Microcontroller को लगेगा की अब माइक्रोवेव को चला दो और 10 मिन्ट बाद इसको बंद कर देना बह अपने अप्प ओवन को बंद कर देगा इस प्रकार Microcontroller कम करता है।

माइक्रोकंट्रोलर प्रोगरामिंग – Microcontroller Programming Hindi

Microcontroller मै इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग ज्यादातर असेंबली भाषा मै ही होती है अगर हम हाई लेवल भाषा की बात करें तो C ,पाइथन और JavaScript का भी इस्तेमाल होता है। इसमे प्रोग्राम बनाना बहुत ही आसान है कोई बड़ी बात नहीं है। इस तरह से माइक्रोकंट्रोलर मै प्रोगरामिंग होती है।

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