Keyword Golden Ratio क्या है ? – KGR कैसे काम करती है ?

Keyword Golden Ratio (अनुपात) जिसे हम इंग्लिश में KGR भी कहते है। यह दर्शाता है की आप जिस कीवर्ड पर अपनी वेबसाइट को रैंक करवाना चाहते हो उसकी कठनाई कितनी है।

उदाहरण के टूर पर जैसे की अपने अपने ब्लॉग को एक कीवर्ड जिसका नाम “मार्केटिंग” है अपने इस पर रैंक करवाना है आपको सबसे पहले किसकी डिफीकल्टी कठनाई को देखना होगा जो की इस तरह है।

KGR = कुल सर्च रिजल्ट्स / सर्च मात्रा

यह कीवर्ड गोल्डन रेश्यो का फार्मूला है जिस से हम माप सकते है। जैसे की 25 आपकी कुल सर्च रिजल्ट है और 100 सर्च वॉल्यूम मात्रा है।

KGR = 25 / 100 =०.25 KGR

जैसे हमने देखा की कीवर्ड गोल्डन रेश्यो की मात्रा ०.25 है यह एक बहुत अच्छी बात है की अगर आपको इस से सामान जा फिर काम होगी तो आप जल्दी ही इस प्रकार के कीवर्ड पर अच्छी तरह रैंक कर पाओगे।

अगर आपकी मात्रा ०.25 से लेकर 1 तक है तो आपको रैंक करवाने में कठनाई होगी जिसमे आपको बहुत ज्यादा टाइम भी लग सकता है।

अगर आपकी डिफीकल्टी कठनाई की मात्रा 1 से भी ज्यादा है तो आपको नयी वेबसाइट और ब्लॉग होते हुए बहुत परेशानी हो सकती है। इस सारी पर्किर्या को Keyword Golden Ratio कहते है।

Keyword Golden Ratio जरुरी है

Keyword Golden Ratio इस लायी जरुरी है क्यूंकि जब कोई भी ब्लॉगीर या फिर डिजिटल मार्केटर कोई वेबसाइट के लिए पोस्ट लिखता है तब बह देखना चाहिए की यह कीवर्ड को रैंक करने के लिए कितने टाइम लगेगा।

जैसे की हमने पीछे पैराग्राफ में बताया है की कीवर्ड की Keyword Golden Ratio को निकलने के बाद जो हमें वैल्यू मिलती है हम उसे इस्तेमाल करके अपना आर्टिकल लिखते है जिसकी मदद से जल्दी ही सेरच रिजल्ट में रैंक करने लगते है। एहि कारन है की कीवर्ड गोल्डन रेश्यो को इस्तेमाल करने का।

अगर अप्प अपने वेबसाइट के आर्टिकल के लिलिये इस प्रकार कीवर्ड गोल्डन रेश्यो का इस्तेमाल नहीं करते तो करने लगे इस से आपको जल्दी ही सर्च रिजल्ट में रिजल्ट्स मिलने शुरू हो जायेगे। यह सबसे अच्छा तरीका है अपने कीवर्ड को देखने का।

अगर अपने कीवर्ड गोल्डन रेश्यो हर प्रकार के कीवर्ड के लिए इस्तेमाल होने वाली पर्किर्या है जिसमे आप को पता चल जाता है यह कैसा कीवर्ड है। यह सबसे अच्छा तरीका है किसी भी प्रकार के कीवर्ड को देखना।

Keyword Golden Ratio के फयदे

  1. Keyword Golden Ratio को ज्यादातर किसिस भी कीवर्ड की कठनाई को देखने के लिए किया जाता है।
  2. इसके साथ आपका सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन भी हो जाता है जैसे की आपका आर्टिकल सर्च इंजन की लिए एक नया आर्टिकल है।
  3. आप जितनी कम कीवर्ड कठनाई वाला आर्टिकल लिखेंगे तो आपको उतना ज्यादा लाभ मिलेग।
  4. ऐसा करने पर सेरच इंजन आपके पर भरोसा करने लगता है की आप कुश नया दे रहे हो सर्च इंजन को।
  5. आप सबसे जल्दी रैंक करोगे क्यूंकि आप सबसे पहले आर्टिकल लिखोगे उस कीवर्ड पर।

Keyword Golden Ratio के नुक्सान

अगर हम इसके नुकसान की बात करें तो इसके कोई ज्यादा नुक्सान नहीं है। अगर बात करें तो अगर आपके पास एक अच्छा बजट है तो आप एक अच्छा टूल ले सकते हो जो की आपका इस प्रकार का काम कर सकता है.

इस प्रकार के टूल्स को सेरच इंजन ऑप्टिमाइजेशन के टूल्स से भी जाना जाता है। यह टूल्स आपको बता सकते है की आपको कितनी मेहनत से आप इस कीवर्ड रैंक कर पाओगे।

Keyword Golden Ratio का एक और नुकसान इसके रिजल्ट कभी भी एक सामान नहीं रह सकते ऐसा इस लाई क्यूंकि सर्च इंजन जैसे की गूगल किसी भी प्रकार के रिजल्ट को बराबर नहीं रखता।

अगर आज सर्च का रिजल्ट की मात्रा 100 दिखा रहा है तो कल को इसकी मात्रा काम या ज्यादा भी हो सकती है। ऐसा इस लाई क्यूंकि ज्यादातर यूजर लगातार सरच करते रहते है जिस के कारन यह रिजल्ट बदलते रहते है।

Leave a Comment