Electromagnetic Spectrum क्या है?

Electromagnetic Spectrum जिसे हम विद्युत चुम्बकीय तरंगें बी कहते है। बहुत सारी तिरंगो के झुण्ड को एलेक्ट्रोमग्नेटिक स्पेक्ट्रम कहते है।ज्यादातर जो तिरंगे सूर्ये से भी आती है उन्हें भी विद्युत चुम्बकीय तरंगें कहा जाता है जैसे की जब सूर्ये से प्रकास जब धरती पर आता है तो सूर्ये से लेकर धरती में जो रोशनी है उसे विद्युत चुम्बकीय तरंगें कहा जाता है ।

इस प्रकार की तिरंगे आम आंख से नहीं दिखाई देती।यह तिरंगे इस प्रकार होती है।इस प्रकार की तिरंगे वायुमण्डल में कही से भी गुजर जाती है।

  • रेडियो तिरंगे(Radio Waves)
  • माइक्रोवेव (Microwave)
  • इंफ्रारेड (Infrared)
  • विज़िबल (Visible)
  • अल्ट्रावायलेट(Ultraviolet)
  • X-रे(X-ray)
  • गामा तिरंगे (Gamma Rays)

Electromagnetic(विद्युत चुम्बकीय) तरंग क्या होती है

एक ऊर्जा को एक जगह से दूसरी जगह संचारित करती है उसे एलेक्ट्रोमग्नेटिक तरंग कहते है।जैसे सूरज से जमीन तक जो परकास आता है बह एक प्रकार की एलेक्ट्रोमग्नेटिक तिरंग है।

मोबाइल में होती वाली कम्युनिकेशन एक प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तिरंग है।
जैसे की मिसाल के तोर पर एक स्पीकर(Speaker) है जब इसमे आवाज़ बनती है.

तब इसमे विब्रेशन होती है यह विब्रेशन हवा के कणो को अपनी जगह से ले कर है और टकराते है और टकराते टकराते मनुस्य के कान तक आवाज़ चली जाती है इसी तरह तिरंग काम करती है।
बह तीन प्रकार की होती है।

  • रेडियो तरंग
  • माइक्रोवेव
  • प्रकाश तरंग

टेलीकॉम स्पेक्ट्रम क्या है

बहुत सारी रेडियो तिरंगो(Waves)के समूह को स्पेक्ट्रम कहा जाता है। एक टेलीकॉम स्पेक्ट्रम जिसमे मोबाइल फ़ोन ,राऊटर ,wifi ,अदि सब एलेक्ट्रोमग्नेटिक वेव्स से काम करता है।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम यह वेव का समूह जिसमे इंटरनेट ,कालिंग अदि की तिरंगे होती है। उदाहरण के लिए जैसे भारत में एक से ज्यादा टेलीकॉम कंपनी है सब टेलीकॉम कंपनी को सरकार द्वारा अलग अलग फ्रीक्वेंसी दी गयी है। इस रेडियो फ्रीक्वेंसी अलग अलग इस ले होती है क्यूंकि अगर ऐसा न हो तो सब तिरंगे आपस में इंटरफर हो सकती है।

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एक स्पेक्ट्रम में बहुत सारी रेडियो तिरंगे एक साथ काम करती है। अगर हम एक रेडियो वेव की बात करें तो 100 मीटर से लेकर 10km तक जा सकती है।

इसी प्रकार से सारी कंपनी ऐसा करतई है अपनी सुचना को एक जगह से दूसरी जगह तक पोहचने के लिए।स्पेक्ट्रम माइक्रोवेव कम्युनिकेशन में बहुत अच्छे से काम करता है जैसे की कॉलोइंग और इंटरनेट।

Electromagnetic Spectrum (विद्युत चुम्बकीय)कहा इस्तेमाल होता है

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ज्यादातर संचार करने के लिए इस्तेमाल होता है। जैसे की रेडियो वेव्स(Waves) एक जगह से दूसरी जगह तक जाती है तो बह एलेक्ट्रोमेग्नाटिक स्पेक्ट्रम बजह से जाती है।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम उदाहरण के तोर से जैसे जैसे हम किसी को फ़ोन करते है बह हमारा फ़ोन हमारे एरिया के टावर से जुड़ा रहता है उसके जुड़ने के बाद में जहा पर हमने फ़ोन करना है बहा के टावर पर एलेक्ट्रोमग्नेटिक सिग्नल जायेगा और उस टावर से जुड़ जायेगा इस प्रकार से एलेक्ट्रोमग्नेटिक स्पेक्ट्रम इस्तेमाल होता है।इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तिरंगे परकास की तरह एक से दूसरी जगह जा सकती है.

किसी भी मडीएम से। इस लिए हमारे मोबाइल टावर की उचाई आम तोर पर ज्यादा होती है क्यूंकि बह यूजर के साथ साथ दूसरे टावर के साथ भी जुड़ा रहे .

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एनालॉग और डिजिटल सिग्नल क्या है

एनालॉग सिग्नल क्या है

एनालॉग सिग्नल एक प्रकार का निरंतर(Continuous)टाइम सिग्नल होता है। जो की एक प्रकार की साइन वेव होती है। टेम्प्रेचर सेंसर ,फम रेडियो ,लाइट सेंसर ,टच स्क्रीन ,अदि अनलोग सिग्नल की उदाहरण है।

एनालॉग सिग्नल की बैंडविड्थ काम होती है अगर हम डिजिटल सिग्नल से देखे। यह सिग्नल आवाज़ और वीडियो को भेजने के लिए बहुत ही अच्छा सिग्नल है और इसकी बहुत बर्टो की जाती है।

यह सिग्ना कभी भी बराबर नहीं हो सकता और इसको ट्रांसमिट करने के लिए एक सर्किट की भी जरुरत होती है। जैसे की एक सोसिअल केबल है इसमे हम टीवी चलते है उस केबल मई जाने वाला सिग्नल एनालॉग सिग्नल ही होता है। ऐसे एनालॉग सिग्नल कहते है।

डिजिटल सिग्नल क्या है

डिजिटल सिग्नल एक ऐसा सिग्नल होता है जो की इसमे होने वाले डाटा को डिजिटल तरीके से संचारित करता है। यह सिग्नल 0 और 1 नंबर जो की वेक प्रकार के बिजनेरी नंबर है इनसे काम करता है।

उदाहरण के तोर पर डिजिटल सिग्नल जैसे की CD ,DVD ,Digital Watch अदिइस सिग्नल के उदाहरण है। यह सिग्नल एक पर्टिकुलर मॉडुलेशन के जरिये संचारित होता है जो की एक प्रकार के डिवाइस है। इस सिग्नल को संचारित करने के लिए कई प्रकार के फ़िल्टर जैसे की लौ पास फ़िल्टर और बंद पास फ़िल्टर काम में लिए जाते है।

जैसे की ऑप्टिकल फाइबर में डिजिटल सिग्नल का उपयोग किया जाता है जिसमे हम बहुत दुरी तक अपने सिग्नल को ले जा सकते है।इसे डिजिटल सिग्नल कहा जाता है।

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